- योजना श्रेणी / विभाग: KVIC 35% SUBSIDY
- मुख्य लाभ व उद्देश्य: उद्यमियों हेतु ₹50 लाख तक बैंक ऋण एवं 15% से 35% तक मार्जिन मनी सब्सिडी
- ध्यान दें: राशि, तारीख और पात्रता बदल सकती है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।
PMEGP Loan Scheme 2026: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (Ministry of MSME), भारत सरकार द्वारा संचालित 'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम' (Prime Minister's Employment Generation Programme - PMEGP) देश में स्वरोजगार और नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने की सबसे बड़ी क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) इस योजना की राष्ट्रीय नोडल एजेंसी है। संशोधित 2026 दिशा-निर्देशों के तहत, विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Sector) के लिए अधिकतम परियोजना लागत बढ़ाकर ₹50,00,000 (₹50 लाख) और सेवा क्षेत्र (Service Sector) के लिए ₹20,00,000 (₹20 लाख) कर दी गई है, जिस पर सरकार द्वारा 15% से 35% तक मार्जिन मनी सब्सिडी दी जाती है।
1. PMEGP श्रेणीवार सब्सिडी व उद्यमी अंशदान मैट्रिक्स
| लाभार्थी श्रेणी | उद्यमी का स्वयं का अंशदान | शहरी क्षेत्र में सब्सिडी दर | ग्रामीण क्षेत्र में सब्सिडी दर |
|---|---|---|---|
| सामान्य वर्ग (General Category) | 10% | 15% | 25% |
| विशेष वर्ग (SC/ST/OBC/महिला/दिव्यांग/अल्पसंख्यक/NER) | 5% | 25% | 35% |
2. पात्रता शर्तें एवं योग्यता मानदंड
- उम्मीदवार की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए (कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं)।
- शैक्षणिक योग्यता: विनिर्माण क्षेत्र में ₹10 लाख से अधिक और सेवा क्षेत्र में ₹5 लाख से अधिक की परियोजना के लिए आवेदक को कम से कम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
- केवल नई ग्रीनफील्ड परियोजनाओं (Greenfield Units) के लिए ही प्रारंभिक ऋण स्वीकृत होता है।
- स्वयं सहायता समूह (SHG) जिन्होंने किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ न लिया हो, वे भी पात्र हैं।
- ऋण वितरण से पूर्व आवेदक को अनिवार्य EDP (Entrepreneurship Development Programme) ऑनलाइन या ऑफलाइन प्रशिक्षण पूरा करना होता है।
3. PMEGP ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step)
- पोर्टल खोलें: KVIC के आधिकारिक PMEGP ई-पोर्टल
kviconline.gov.in/pmegpeportalपर जाएं। - Application for New Unit: होमपेज पर 'Online Application for Individual' लिंक पर क्लिक करें।
- आधार व व्यक्तिगत विवरण: 12 अंकों का आधार नंबर, नाम, प्रायोजक एजेंसी (KVIC / KVIB / DIC), लिंग, श्रेणी और योग्यता भरें।
- प्रोजेक्ट प्रोफाइल (DPR): उद्योग का प्रकार (विनिर्माण या सेवा), प्रस्तावित प्रोजेक्ट लागत, पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) और कार्यशील पूंजी (Working Capital) का विवरण दर्ज करें।
- बैंक शाखा चयन: जिस बैंक से ऋण लेना चाहते हैं (जैसे SBI, PNB, BOB, आदि), उसकी IFSC कोड और शाखा का चयन करें।
- दस्तावेज अपलोड करें: आधार, जाति प्रमाण पत्र, 8वीं पास मार्कशीट, पासपोर्ट फोटो और प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) अपलोड कर सबमिट करें।
4. आवश्यक दस्तावेज (Checklist)
- आधार कार्ड एवं पैन कार्ड (Aadhaar & PAN Card)।
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC/दिव्यांग/पूर्व सैनिक हेतु)।
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र (8वीं पास या उच्चतर मार्कशीट)।
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (Detailed Project Report - DPR)।
- ग्रामीण क्षेत्र प्रमाणपत्र (सरपंच/तहसीलदार द्वारा हस्ताक्षरित, यदि ग्रामीण सब्सिडी चाहिए)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या PMEGP ऋण के लिए किसी गारंटर या बैंक गारंटी की आवश्यकता होती है?
उत्तर: नहीं, PMEGP के तहत स्वीकृत ऋण CGTMSE (क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज) के अंतर्गत आते हैं, इसलिए ₹10 से ₹20 लाख तक के ऋण पर बैंकों द्वारा किसी तृतीय पक्ष गारंटी या संपार्श्विक (Collateral Security) की मांग नहीं की जाती।
Q2. सरकार की सब्सिडी कब और कैसे खाते में आती है?
उत्तर: बैंक द्वारा ऋण वितरण के बाद KVIC द्वारा सब्सिडी राशि नोडल बैंक के माध्यम से आपके वित्तपोषक बैंक में भेज दी जाती है। यह राशि 3 वर्षों के लिए टर्म डिपॉजिट रिसीप्ट (TDR) के रूप में लॉक रहती है। 3 वर्ष के सफल संचालन और भौतिक सत्यापन के बाद इसे ऋण खाते में समायोजित (Adjust) कर दिया जाता है।
Q3. क्या मौजूदा बिजनेस के विस्तार के लिए दूसरा PMEGP लोन मिल सकता है?
उत्तर: हां, पहले PMEGP ऋण को समय पर चुकाने वाली सफल विनिर्माण इकाइयों को अपग्रेडेशन हेतु ₹1 करोड़ तक और सेवा इकाइयों को ₹25 लाख तक का दूसरा ऋण (15% से 20% सब्सिडी के साथ) मिलता है।



