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✔ Fact-checked 2026-10-28 🏛 LIVESTOCK CAPITAL SUBSIDY ⏱ 2 Min Read

राष्ट्रीय पशुधन मिशन 2026: बकरी, भेड़ व मुर्गी पालन फार्म हेतु 50% पूंजीगत सब्सिडी (₹50 लाख तक) — NLM उद्यमिता योजना

📅 प्रकाशित: 2026-10-28
🌐 भाषा: हिंदी (Hindi)
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⚡ 30 सेकंड में समझें — मुख्य बिंदु (Quick Takeaways)
  • योजना श्रेणी / विभाग: LIVESTOCK CAPITAL SUBSIDY
  • मुख्य लाभ व उद्देश्य: पशुपालन व पोल्ट्री फार्मिंग व्यवसाय पर केंद्र सरकार की 50% एकमुश्त पूंजीगत सब्सिडी योजना
  • ध्यान दें: राशि, तारीख और पात्रता बदल सकती है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।

केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission - NLM) ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन क्षेत्र के आधुनिकीकरण और स्वरोजगार सृजन के लिए भारत सरकार की सबसे बड़ी वित्तीय प्रोत्साहन योजना है। इसके अंतर्गत उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) के तहत बकरी पालन, भेड़ पालन, ब्रायलर/लेयर मुर्गी पालन और चारा उत्पादन इकाइयां स्थापित करने पर 50% तक पूंजीगत सब्सिडी सीधे बैंक खाते में दी जाती है।

1. किस व्यवसाय पर कितनी सब्सिडी मिलती है?

एनएलएम उद्यमिता घटकों के तहत वित्तीय अनुदान सीमाएं:

  • बकरी व भेड़ प्रजनन फार्म (Goat/Sheep Breeding Farm): 500 मादा + 25 नर बकरियों/भेड़ों के वाणिज्यिक प्रजनन फार्म की ₹1 करोड़ की परियोजना पर 50% यानी अधिकतम ₹50,00,000 की सब्सिडी। (छोटे मॉडलों में 100, 200, 300 पशुओं पर भी आनुपातिक सब्सिडी उपलब्ध)।
  • कुक्कुट पालन फार्म (Poultry Broiler/Layer Breeding Farm): मूल कुक्कुट प्रजनन इकाइयों की स्थापना पर 50% पूंजीगत सब्सिडी, जिसकी अधिकतम सीमा ₹25,00,000 है।
  • सूकर पालन (Piggery Breeding Farm): 100 मादा + 10 नर सुअर प्रजनन फार्म के लिए ₹60 लाख की परियोजना लागत पर अधिकतम ₹30,00,000 का अनुदान।
  • चारा विकास एवं साइलेज निर्माण इकाई (Fodder Block/Silage Unit): आधुनिक चारा ब्लॉक मेकिंग व साइलेज इकाइयों पर अधिकतम ₹50,00,000 तक की सब्सिडी।

2. आवेदन प्रक्रिया और ऋण लिंकेज (Udyami Mitra Portal)

सब्सिडी प्राप्त करने के चरण:

  1. आवेदक व्यक्ति, किसान उत्पादक संगठन (FPO), स्वयं सहायता समूह (SHG), संयुक्त देयता समूह (JLG) अथवा निजी कंपनी का सदस्य होना चाहिए।
  2. परियोजना के लिए कम से कम 10% से 25% पूंजी आवेदक का स्वयं का अंशदान (Own Contribution) होना चाहिए, शेष राशि बैंक ऋण अथवा स्वयं के वित्तपोषण से हो सकती है।
  3. ऑनलाइन आवेदन: सिडबी के उद्यमी मित्र पोर्टल के विशेष NLM मॉड्यूल (nlm.udyamimitra.in) पर विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), भूमि दस्तावेज, बैंक स्वीकृति पत्र और आधार कार्ड के साथ आवेदन करें।
  4. राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग समिति (SLEAC) और केंद्र सरकार की अधिकार प्राप्त समिति द्वारा परियोजना की तकनीकी जांच के बाद सब्सिडी दो किश्तों में सीधे एस्क्रो बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

3. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या फार्म स्थापित करने के लिए जमीन का खुद के नाम होना जरूरी है?
उत्तर: आवेदक के पास या तो स्वयं की कृषि भूमि होनी चाहिए अथवा न्यूनतम 10 से 15 वर्षों के लिए पंजीकृत लीज (Registered Lease Deed) पर ली गई उपयुक्त भूमि का कानूनी अनुबंध होना चाहिए।

Q2. क्या पहले से पशुपालन का प्रशिक्षण होना अनिवार्य है?
उत्तर: हाँ, आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालय, पशु चिकित्सा कॉलेज, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) अथवा सरकारी पशुपालन विभाग से संबंधित पशुपालन का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र होना प्राथमिकता सूची में अनिवार्य माना जाता है।

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राजेश कुमार
सत्यापित शोधकर्ता एवं लेखक

राजेश कुमार

पब्लिक पॉलिसी विशेषज्ञ एवं सरकारी योजना शोधकर्ता। भारतीय नागरिकों तक पारदर्शी, सत्य और आधिकारिक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए समर्पित। तथ्य-जांच नीति देखें →