- योजना श्रेणी / विभाग: DIVYANG CONCESSIONAL LOAN
- मुख्य लाभ व उद्देश्य: दिव्यांगजनों को नया उद्योग व स्वरोजगार शुरू करने के लिए 4% से 6% ब्याज पर आसान लोन
- ध्यान दें: राशि, तारीख और पात्रता बदल सकती है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC / पूर्ववर्ती NHFDC) द्वारा संचालित दिव्यांगजन स्वावलंबन योजना (Divyangjan Swavalamban Yojana) 2026 देश के दिव्यांग नागरिकों को किसी पर निर्भर रहने के बजाय अपना स्वयं का व्यवसाय, दुकान, सेवा केंद्र या लघु उद्योग स्थापित करने के लिए मात्र 4% से 6% की रियायती ब्याज दर पर ₹50 लाख तक का आसान ऋण उपलब्ध कराती है।
1. ऋण राशि, ब्याज दरें एवं विशेष छूट
योजना के वित्तीय लाभ और नियम:
- ₹50,00,000 तक की ऋण सीमा: चयनित व्यावसायिक परियोजना के आधार पर छोटे खोमचे/दुकान से लेकर मध्यम विनिर्माण इकाइयों तक के लिए ₹50 हजार से ₹50 लाख तक का लोन।
- मात्र 4% से 6% वार्षिक रियायती ब्याज: ₹50,000 तक के ऋण पर 4% वार्षिक, ₹50,000 से ₹5 लाख तक पर 5% और ₹5 लाख से अधिक पर अधिकतम 6% ब्याज दर।
- दिव्यांग महिलाओं को 1% की विशेष छूट: महिला दिव्यांग उद्यमियों को ब्याज दर में 1% की अतिरिक्त छूट (Rebate) दी जाती है, जिससे प्रभावी ब्याज दर और भी कम हो जाती है।
- चुकौती की लंबी अवधि: ऋण चुकाने के लिए 7 से 10 वर्ष तक का लंबा समय और व्यवसाय स्थापित होने तक 6 से 12 महीने का मोरेटोरियम पीरियड दिया जाता है।
2. पात्रता मानदंड और आवेदन की प्रक्रिया
ऋण प्राप्त करने के प्रमुख नियम:
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए और उसकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
- सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा जारी न्यूनतम 40% या उससे अधिक का दिव्यांगता प्रमाण पत्र अथवा UDID कार्ड होना अनिवार्य है।
- राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों (SCA), सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों अथवा NDFDC के आधिकारिक पोर्टल nhfdc.nic.in पर ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन पत्र भरें।
- अपने व्यवसाय का प्रोजेक्ट प्रपोजल, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, कोटेशन और बैंक पासबुक प्रस्तुत करें। स्वीकृति के बाद ऋण सीधे बैंक खाते में जारी किया जाता है।
3. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या पढ़ाई या वोकेशनल कोर्स के लिए भी NDFDC लोन मिलता है?
उत्तर: हाँ, दिव्यांग छात्र भारत में उच्च शिक्षा के लिए ₹20 लाख तक और विदेश में उच्च शिक्षा के लिए ₹40 लाख तक का रियायती शिक्षा ऋण NDFDC से ले सकते हैं।
Q2. क्या लोन के लिए कोई गारंटर या गारंटी देनी होती है?
उत्तर: ₹50,000 तक के छोटे ऋणों के लिए किसी तीसरे पक्ष की गारंटी की आवश्यकता नहीं होती; बड़े ऋणों में राज्य एजेंसी के दिशानिर्देशों के अनुसार सामान्य संपार्श्विक (Collateral) व्यवस्था होती है।



