- योजना श्रेणी / विभाग: EDUCATION LOAN SUBSIDY
- मुख्य लाभ व उद्देश्य: उच्च शिक्षा एजुकेशन लोन पर मोरेटोरियम अवधि का पूरा ब्याज 100% सरकार भरेगी
- ध्यान दें: राशि, तारीख और पात्रता बदल सकती है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सेंट्रल सेक्टर इंटरेस्ट सब्सिडी योजना (Central Sector Interest Subsidy - CSIS) 2026 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के होनहार विद्यार्थियों को उच्च तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के लिए बैंक से लिए गए एजुकेशन लोन पर 100% ब्याज छूट प्रदान करती है। इसके तहत पाठ्यक्रम की पूरी अवधि और उसके बाद 1 वर्ष तक (मोरेटोरियम पीरियड) लगने वाले संपूर्ण ब्याज का भुगतान भारत सरकार सीधे बैंक को करती है।
1. CSIS योजना के तहत 100% ब्याज माफी के नियम
योजना के मुख्य लाभ और वित्तीय मानदंड:
- मोरेटोरियम अवधि में शून्य ब्याज (0% Interest): छात्र को पढ़ाई के दौरान (Course Duration) और डिग्री पूरी होने के 12 माह बाद (या नौकरी मिलने के 6 माह बाद, जो भी पहले हो) तक एक भी रुपये का ब्याज नहीं चुकाना होता।
- पारिवारिक आय सीमा ₹4,50,000: छात्र के माता-पिता अथवा अभिभावक की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय 4.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- भारतीय मान्यता प्राप्त संस्थान: यह योजना भारत में स्थित मान्यता प्राप्त तकनीकी/व्यावसायिक संस्थानों (जैसे IIT, NIT, IIM, मेडिकल कॉलेज, राज्य विश्वविद्यालय और AICTE अनुमोदित कॉलेज) में पढ़ने वाले छात्रों के लिए लागू है।
- अनुसूचित बैंकों का IBA मॉडल लोन: भारतीय बैंक संघ (IBA) के एजुकेशन लोन मॉडल के तहत किसी भी राष्ट्रीयकृत या अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक से लिया गया ऋण योजना में पात्र होता है।
2. विद्यालक्ष्मी पोर्टल (Vidya Lakshmi) पर ब्याज सब्सिडी दावा करने की विधि
छात्रों के लिए आवश्यक 4 चरण:
- एजुकेशन लोन के लिए आवेदन करते समय केंद्र सरकार के vidyalakshmi.encash.co.in पोर्टल पर पंजीकरण करें।
- सक्षम राज्य प्राधिकारी (तहसीलदार / एसडीएम) द्वारा जारी अधिकृत आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) बैंक शाखा में प्रस्तुत करें।
- बैंक शाखा प्रबंधक द्वारा छात्र के खाते को 'CSIS Eligible' के रूप में चिन्हित किया जाता है और नोडल बैंक (केनरा बैंक) के वेब पोर्टल पर डेटा अपलोड किया जाता है।
- केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी राशि सीधे बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाती है, जिससे मोरेटोरियम अवधि का ब्याज शून्य हो जाता है।
3. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या विदेश में पढ़ाई के लिए लिए गए लोन पर भी CSIS का लाभ मिलता है?
उत्तर: नहीं, CSIS ब्याज सब्सिडी केवल भारत में स्थित मान्यता प्राप्त संस्थानों में तकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए मान्य है। विदेश में पढ़ाई के लिए 'पढ़ो परदेश' योजना लागू होती थी।
Q2. मोरेटोरियम अवधि समाप्त होने के बाद ब्याज दर क्या होगी?
उत्तर: मोरेटोरियम अवधि खत्म होने के बाद छात्र को केवल मूलधन और सामान्य लागू बैंक ब्याज दर के अनुसार आसान मासिक किस्तों (EMI) में लोन चुकाना होता है।



