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✔ Fact-checked 2026-10-14 🏛 MICRO IRRIGATION SUBSIDY ⏱ 2 Min Read

PM Krishi Sinchayee Yojana (PMKSY) 2026: ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई पर 55% से 80% सब्सिडी — ऑनलाइन आवेदन

📅 प्रकाशित: 2026-10-14
🌐 भाषा: हिंदी (Hindi)
🔍 आधिकारिक स्रोतों से जांचा गया
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⚡ 30 सेकंड में समझें — मुख्य बिंदु (Quick Takeaways)
  • योजना श्रेणी / विभाग: MICRO IRRIGATION SUBSIDY
  • मुख्य लाभ व उद्देश्य: ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई यंत्रों पर पाएं 55% से 80% तक भारी सरकारी सब्सिडी
  • ध्यान दें: राशि, तारीख और पात्रता बदल सकती है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY - Per Drop More Crop) 2026 देश के किसानों को कम पानी में अधिक फसल उत्पादन लेने, भूजल संरक्षण करने और आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए ड्रिप (टपक) एवं स्प्रिंकलर (फव्वारा) सिंचाई प्रणालियों पर 55% से 80% तक की भारी वित्तीय सब्सिडी प्रदान करती है।

1. ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई पर सब्सिडी का स्लैब

पीएमकेएसवाई के तहत किसानों को श्रेणीवार निम्नलिखित वित्तीय सहायता दी जाती है:

  • लघु एवं सीमांत किसान (2 हेक्टेयर तक भूमि): कुल लागत पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 55% से लेकर 80% तक की सब्सिडी प्रदान करती हैं (जैसे यूपी, एमपी, राजस्थान में टॉप-अप मिलाकर 70%-80%)।
  • अन्य बड़े किसान (2 हेक्टेयर से अधिक भूमि): सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र स्थापित करने पर 45% से 60% तक की सब्सिडी देय होती है।
  • पानी और खाद की भारी बचत: ड्रिप सिंचाई से लगभग 40% से 50% पानी की बचत होती है और फर्टिगेशन तकनीक से 30% खाद की बचत के साथ पैदावार में 35% तक की वृद्धि होती है।
  • प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT): सब्सिडी राशि सीधे अधिकृत विक्रेता (Registered Vendor) को दी जाती है या किसान के आधार लिंक बैंक खाते में प्रतिपूर्ति (Reimbursement) की जाती है।

2. आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

सब्सिडी प्राप्त करने के प्रमुख 4 चरण:

  1. किसान के पास भू-स्वामित्व प्रमाण (जमाबंदी / खतौनी / पट्टा पासबुक) होना अनिवार्य है।
  2. खेत में सुनिश्चित सिंचाई स्रोत (बोरवेल, कुआं, फार्म पॉन्ड या नहर कनेक्शन) का विवरण दें।
  3. अपने राज्य के कृषि विभाग के आधिकारिक डीबीटी पोर्टल (जैसे UP Agriculture DBT, RajKisan Sathi, MP e-Krishi Anudan आदि) पर आधार नंबर से पंजीकरण करें।
  4. पंजीकृत कंपनी/वेंडर का चयन कर कोटेशन अपलोड करें। विभागीय भौतिक सत्यापन (Geo-tagging Inspection) के बाद सब्सिडी स्वीकृत की जाती है।

3. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या बागवानी फसलों के लिए भी ड्रिप सब्सिडी मिलती है?
उत्तर: हाँ, फलदार बगीचों (आम, अमरूद, नीबू, अनार आदि) और सब्जियों की खेती के लिए ड्रिप सिंचाई पर प्राथमिकता के आधार पर अधिकतम सब्सिडी दी जाती है।

Q2. एक किसान कितनी जमीन के लिए सब्सिडी ले सकता है?
उत्तर: दिशानिर्देशों के अनुसार एक लाभार्थी परिवार अधिकतम 5 हेक्टेयर कृषि भूमि के लिए सूक्ष्म सिंचाई सब्सिडी का लाभ उठा सकता है।

📍 अपने राज्य की अन्य कृषि व सिंचाई सब्सिडी योजनाएं देखें →
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राजेश कुमार
सत्यापित शोधकर्ता एवं लेखक

राजेश कुमार

पब्लिक पॉलिसी विशेषज्ञ एवं सरकारी योजना शोधकर्ता। भारतीय नागरिकों तक पारदर्शी, सत्य और आधिकारिक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए समर्पित। तथ्य-जांच नीति देखें →