- योजना श्रेणी / विभाग: GREENFIELD ENTERPRISE
- मुख्य लाभ व उद्देश्य: स्टैंड-अप इंडिया योजना: महिलाओं और SC/ST को ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का बिजनेस लोन
- ध्यान दें: राशि, तारीख और पात्रता बदल सकती है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।
Stand-Up India Scheme 2026: वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services - DFS), वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिला उद्यमियों को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने हेतु 'स्टैंड-अप इंडिया योजना' (Stand-Up India Scheme) संचालित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य देश के सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (Scheduled Commercial Banks) की प्रत्येक शाखा द्वारा कम से कम एक एससी/एसटी उधारकर्ता और कम से कम एक महिला उद्यमी को नया उद्यम (Greenfield Enterprise) स्थापित करने के लिए ₹10 लाख से ₹1,00,00,000 (₹1 करोड़) तक का समग्र ऋण (Composite Loan) प्रदान करना है।
1. स्टैंड-अप इंडिया ऋण की मुख्य विशेषताएं
| ऋण पैरामीटर | निर्धारित प्रावधान / सीमा | लाभार्थी को लाभ |
|---|---|---|
| ऋण राशि (Loan Amount) | ₹10 लाख से ₹1 करोड़ | टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल का समग्र पैकेज (Composite Loan) |
| मार्जिन मनी (Margin Money) | अधिकतम 15% | सरकारी सब्सिडी के साथ मिलकर उद्यमी अंशदान मात्र 10% तक संभव |
| चुकौती अवधि (Repayment Tenure) | 7 वर्ष (7 Years) | व्यवसाय स्थिरीकरण हेतु अधिकतम 18 महीने का मोराटोरियम (छूट) |
| ब्याज दर (Interest Rate) | MCLR + 3% + Tenor Premium | उस श्रेणी में बैंक द्वारा दी जाने वाली न्यूनतम लागू ब्याज दर |
2. कौन-कौन से उद्यम पात्र हैं? (Eligible Sectors)
- विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing): खाद्य प्रसंस्करण, प्लास्टिक, परिधान, पैकेजिंग, इंजीनियरिंग उत्पाद निर्माण।
- सेवा क्षेत्र (Services): आईटी सेवाएं, डायग्नोस्टिक सेंटर, लॉजिस्टिक्स, होटल व रेस्टोरेंट, शैक्षिक संस्थान।
- व्यापार (Trading): थोक व खुदरा व्यापारिक प्रतिष्ठान।
- कृषि संबद्ध गतिविधियां (Agri-Allied Activities): डेयरी फार्मिंग, पोल्ट्री, मत्स्य पालन, कोल्ड स्टोरेज, पॉलीहाउस व एग्री-क्लिनिक।
3. पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
- आवेदक अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या किसी भी वर्ग की महिला (Woman Entrepreneur) होनी चाहिए।
- आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- यह उद्यम ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट (Greenfield Project) होना चाहिए, यानी उद्यमी द्वारा पहली बार स्थापित की जाने वाली नई इकाई।
- यदि उद्यम गैर-व्यक्तिगत (कंपनी/एलएलपी/पार्टनरशिप) है, तो कम से कम 51% शेयरधारिता और नियंत्रणकारी हिस्सा एससी/एसटी या महिला उद्यमी के पास होना अनिवार्य है।
- उधारकर्ता किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए।
4. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Stand-Up Mitra Portal)
- भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) के आधिकारिक स्टैंड-अप मित्र पोर्टल standupmitra.in पर जाएं।
- 'Register' विकल्प चुनकर अपनी श्रेणी (SC/ST/महिला) और अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) दर्ज करें।
- पोर्टल पर आप अपनी नजदीकी पसंदीदा बैंक शाखा का चयन कर सकते हैं।
- आवेदन पत्र सीधे संबंधित बैंक शाखा प्रबंधक को भेजा जाता है, जो दस्तावेज़ सत्यापन के बाद ऋण स्वीकृत करते हैं।
5. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या इस लोन के लिए कोई संपार्श्विक सुरक्षा (Collateral Security) गिरवी रखनी होती है?
उत्तर: अधिकांश मामलों में ऋण सीजीएसएसआई (CGSSI) क्रेडिट गारंटी कवर के तहत सुरक्षित होता है, इसलिए बैंक अतिरिक्त संपत्ति गिरवी रखने का दबाव नहीं बनाते।
Q2. क्या वर्किंग कैपिटल के लिए कोई कार्ड मिलता है?
उत्तर: हां, ₹10 लाख तक के कार्यशील पूंजी (Working Capital) घटक के लिए बैंक RuPay ओवरड्राफ्ट डेबिट कार्ड जारी करते हैं।
Q3. परियोजना रिपोर्ट (Project Report) बनाने में सहायता कहां से मिलेगी?
उत्तर: स्टैंड-अप मित्र पोर्टल पर सिडबी, नाबार्ड और जिला उद्योग केंद्र (DIC) से संबद्ध हैंडहोल्डिंग एजेंसियां डीपीआर बनाने में पूरी मदद करती हैं।



