- योजना श्रेणी / विभाग: MP YOUTH SKILL STIPEND
- मुख्य लाभ व उद्देश्य: 12वीं, ITI व डिग्री धारक युवाओं को स्किल ट्रेनिंग के साथ ₹8,000-₹10,000 मासिक स्टाइपेंड
- ध्यान दें: राशि, तारीख और पात्रता बदल सकती है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) प्रदान करने और प्रशिक्षण अवधि के दौरान मासिक वित्तीय संबल देने के लिए मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (Mukhyamantri Seekho Kamao Yojana - MMSKY) का संचालन किया जा रहा है। इस योजना की सबसे अनूठी विशेषता 'लर्न एंड अर्न' (Learn and Earn) मॉडल है, जहां युवाओं को व्यावहारिक काम सीखने के साथ हर महीने ₹8,000 से लेकर ₹10,000 तक का निश्चित स्टाइपेंड सीधे बैंक खाते में दिया जाता है।
1. योग्यतानुसार मासिक स्टाइपेंड की दरें
शैक्षणिक योग्यता के आधार पर मासिक स्टाइपेंड का विभाजन इस प्रकार है:
- 12वीं कक्षा उत्तीर्ण युवा: ₹8,000 प्रति माह स्टाइपेंड।
- आईटीआई (ITI) डिप्लोमा धारक: ₹8,500 प्रति माह स्टाइपेंड।
- पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारक: ₹9,000 प्रति माह स्टाइपेंड।
- स्नातक (Graduate) अथवा स्नातकोत्तर (Post Graduate): ₹10,000 प्रति माह स्टाइपेंड।
- डीबीटी शेयरिंग व्यवस्था: कुल स्टाइपेंड का 75% हिस्सा राज्य सरकार द्वारा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से सीधे युवा के आधार-लिंक्ड खाते में भेजा जाता है, जबकि शेष 25% हिस्सा संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठान/कंपनी द्वारा दिया जाता है।
2. पात्रता नियम और पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए मुख्य योग्यताएं:
- आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसकी आयु 18 से 29 वर्ष के मध्य होनी चाहिए।
- आवेदक न्यूनतम 12वीं उत्तीर्ण, आईटीआई, डिप्लोमा या स्नातक/परास्नातक डिग्री धारक होना चाहिए।
- आवेदक के पास समग्र आईडी (Samagra ID), आधार ई-केवाईसी और बैंक खाते में डीबीटी सक्रिय होना अनिवार्य है।
- आवेदन प्रक्रिया: आधिकारिक पोर्टल mmsky.mp.gov.in पर जाएं और 'अभ्यर्थी पंजीयन' विकल्प पर क्लिक करें। समग्र आईडी दर्ज कर मोबाइल ओटीपी से सत्यापन करें। अपनी योग्यता व पसंदीदा सेक्टर (जैसे आईटी, ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, हॉस्पिटैलिटी आदि) का चयन कर कंपनियों के रिक्त पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करें।
3. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. ट्रेनिंग कितने समय की होती है और क्या ट्रेनिंग के बाद नौकरी की गारंटी है?
उत्तर: प्रशिक्षण की अवधि आमतौर पर 6 महीने से 1 वर्ष की होती है। प्रशिक्षण पूरा होने पर मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (SCVT) का वैध प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। कई कंपनियां उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को सीधे नियमित रोजगार भी प्रदान करती हैं।
Q2. क्या कॉलेज में नियमित रूप से पढ़ रहे छात्र भी आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं, यह योजना उन युवाओं के लिए है जिन्होंने अपनी औपचारिक पढ़ाई पूरी कर ली है और वर्तमान में पूर्णकालिक छात्र के रूप में नामांकित नहीं हैं।



