- योजना श्रेणी / विभाग: TRADERS PENSION SCHEME
- मुख्य लाभ व उद्देश्य: दुकानदारों व खुदरा कारोबारियों के लिए 60 वर्ष बाद ₹3,000 प्रतिमाह सुनिश्चित पेंशन
- ध्यान दें: राशि, तारीख और पात्रता बदल सकती है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।
भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा छोटे दुकानदारों, खुदरा व्यापारियों और स्वरोजगार में लगे व्यवसायियों को वृद्धावस्था में सामाजिक व वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय व्यापारी पेंशन योजना (National Pension Scheme for Traders and Self-Employed Persons / PM Laghu Vyapari Maandhan Yojana - PMLVMY) संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद लाभार्थी को आजीवन ₹3,000 प्रति माह (₹36,000 वार्षिक) की सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन सीधे बैंक खाते में दी जाती है।
1. अंशदान नियम और सरकारी सह-योगदान (50:50 शेयर)
व्यापारी मानधन योजना एक स्वैच्छिक और अंशदायी (Contributory) पेंशन योजना है:
- आयु अनुसार मासिक प्रीमियम: 18 से 40 वर्ष की प्रवेश आयु के आधार पर लाभार्थी को प्रति माह मात्र ₹55 से ₹200 का अंशदान जमा करना होता है। (उदा. 18 वर्ष की आयु में मात्र ₹55/माह, 29 वर्ष पर ₹100/माह और 40 वर्ष की आयु पर अधिकतम ₹200/माह)।
- 50% बराबर सरकारी अंशदान: जितनी राशि व्यापारी द्वारा जमा की जाती है, ठीक उतनी ही 50% राशि केंद्र सरकार अपनी ओर से पेंशन फंड में जमा करती है।
- पेंशन फंड प्रबंधन: पेंशन फंड का संपूर्ण प्रबंधन भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा किया जाता है, जिससे निवेशित धन पर 100% सरकारी सुरक्षा की गारंटी रहती है।
- पारिवारिक पेंशन: पेंशनभोगी की मृत्यु की स्थिति में उसके वैध जीवनसाथी (पति/पत्नी) को 50% यानी ₹1,500 प्रति माह पारिवारिक पेंशन के रूप में प्रदान की जाती है।
2. पात्रता शर्तें और सीएससी (CSC) द्वारा आवेदन प्रक्रिया
पेंशन योजना में शामिल होने के प्रमुख मापदंड:
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए और उसकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक छोटा दुकानदार, खुदरा व्यापारी, चावल मिल मालिक, तेल मिल मालिक, वर्कशॉप संचालक, कमीशन एजेंट अथवा रियल एस्टेट ब्रोकर होना चाहिए जिसका वार्षिक वित्तीय टर्नओवर ₹1.5 करोड़ (1.5 Crore) या उससे कम हो।
- आवेदक ईपीएफओ (EPFO), ईएसआईसी (ESIC), एनपीएस (NPS) अथवा आयकर दाता (Income Tax Payer) नहीं होना चाहिए।
- नामांकन की प्रक्रिया: निकटतम जन सेवा केंद्र (CSC Digital Seva Kendra) पर आधार कार्ड, बैंक बचत खाता पासबुक और स्व-घोषणा पत्र लेकर जाएं। सीएससी वीएलई (VLE) द्वारा maandhan.in पोर्टल पर बायोमेट्रिक सत्यापन कर तुरंत 'व्यापारी पेंशन कार्ड' (Pension Card) जारी कर दिया जाता है।
3. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या जीएसटी (GSTIN) नंबर न होने पर भी रजिस्ट्रेशन हो सकता है?
उत्तर: जिन व्यापारियों का वार्षिक टर्नओवर ₹40 लाख से कम है और वे जीएसटी कानून के तहत छूट प्राप्त हैं, वे बिना जीएसटी नंबर के केवल स्व-घोषणा पत्र और आधार कार्ड के आधार पर नामांकन करा सकते हैं।
Q2. यदि बीच में अंशदान बंद करना पड़े तो क्या जमा पैसा वापस मिलता है?
उत्तर: हाँ, यदि कोई सदस्य 10 वर्ष से कम समय में योजना से बाहर निकलता है, तो उसका अंशदान बैंक बचत खाते की ब्याज दर के साथ वापस कर दिया जाता है। 10 वर्ष या उससे अधिक समय बाद निकलने पर फंड द्वारा अर्जित वास्तविक ब्याज दर के साथ राशि लौटाई जाती है।



