- योजना श्रेणी / विभाग: WOMEN ENTREPRENEURSHIP
- मुख्य लाभ व उद्देश्य: महिलाओं को नया उद्योग लगाने हेतु ₹10 लाख का संबल — 50% सीधा सरकारी अनुदान
- ध्यान दें: राशि, तारीख और पात्रता बदल सकती है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।
बिहार सरकार के उद्योग विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना (Bihar Mahila Udyami Yojana) 2026 राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, सूक्ष्म व लघु विनिर्माण उद्यमों को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें ₹5 लाख की राशि सीधे अनुदान (100% Subsidy/Grant) के रूप में माफ होती है।
1. वित्तीय सहायता का ढांचा व ब्याज-मुक्त ऋण
महिला उद्यमियों को मिलने वाली वित्तीय सहायता का स्पष्ट विभाजन:
- कुल स्वीकृत परियोजना राशि ₹10,00,000: चयनित प्रोजेक्ट के आधार पर मशीनरी, कच्चा माल और वर्किंग कैपिटल के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये।
- ₹5,00,000 (50%) 100% सरकारी अनुदान: पांच लाख रुपये का अनुदान पूरी तरह मुफ्त है, जिसे कभी वापस नहीं चुकाना होता।
- ₹5,00,000 का ब्याज-मुक्त ऋण (0% Interest Loan): शेष पांच लाख रुपये पर कोई ब्याज नहीं लगता। यह ऋण व्यवसाय शुरू होने के 1 वर्ष बाद (मोरेटोरियम पीरियड) 84 समान मासिक किस्तों (7 वर्षों) में चुकाना होता है।
- ₹25,000 का प्रशिक्षण व टूलकिट भत्ता: उद्योग विभाग द्वारा परियोजना शुरू करने से पहले चयनित महिलाओं को सरकारी संस्थानों में व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाती है।
2. पात्रता शर्तें और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
योजना में आवेदन के प्रमुख नियम:
- महिला बिहार की मूल निवासी होनी चाहिए और उसकी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2 (इंटरमीडिएट), आईटीआई, पॉलिटेक्निक या स्नातक होनी चाहिए।
- महिला की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 50 वर्ष होनी चाहिए।
- आधिकारिक पोर्टल udyami.bihar.gov.in पर जाकर आधार प्रमाणीकरण और ओटीपी से रजिस्ट्रेशन करें।
- वांछित उद्योग (जैसे फूड प्रोसेसिंग, रेडीमेड गारमेंट्स, प्रिंटिंग, अगरबत्ती, लेदर गुड्स आदि) का चयन करें और पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक स्टेटमेंट व प्रोजेक्ट रिपोर्ट अपलोड करें।
3. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या सभी जातियों की महिलाएं इसके लिए पात्र हैं?
उत्तर: हाँ, महिला उद्यमी योजना के अंतर्गत सामान्य, पिछड़ा वर्ग (BC), अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC), अनुसूचित जाति (SC) और जनजाति (ST) — सभी वर्गों की महिलाएं आवेदन करने की पात्र हैं।
Q2. क्या पहले से चल रहे व्यवसाय के लिए यह लोन मिल सकता है?
उत्तर: नहीं, यह योजना नए सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (Greenfield Projects) स्थापित करने के लिए है। प्रोप्राइटरशिप फर्म के नाम पर चालू बैंक खाता होना आवश्यक है।



