- योजना श्रेणी / विभाग: RURAL PROPERTY RIGHTS
- मुख्य लाभ व उद्देश्य: ड्रोन सर्वेक्षण द्वारा ग्रामीण घरों का डिजिटल संपत्ति कार्ड (घरोनी) पाएं
- ध्यान दें: राशि, तारीख और पात्रता बदल सकती है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।
पंचायती राज मंत्रालय और भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) द्वारा संचालित प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना (PM SVAMITVA Scheme) 2026 में देश के लाखों गांवों में आबादी (रहवासी) भूमि का ड्रोन तकनीक से सटीक डिजिटल सर्वेक्षण कर ग्रामीणों को आधिकारिक 'संपत्ति कार्ड' (Property Card / घरोनी) प्रदान कर रही है। इससे ग्रामीणों को अपने घरों का कानूनी मालिकाना हक और वित्तीय स्वतंत्रता मिल रही है।
1. स्वामित्व योजना के मुख्य लाभ एवं आर्थिक सुरक्षा
ग्रामीण संपत्ति कार्डधारकों को मिलने वाले प्रमुख लाभ:
- कानूनी मालिकाना हक का पुख्ता प्रमाण: गांव में पुस्तैनी बने मकान का आधिकारिक सरकारी दस्तावेज और डिजिटल भू-नक्शा।
- बैंक से लोन की सुविधा: संपत्ति कार्ड को बैंक में बंधक (Collateral) रखकर घर के नवीनीकरण, व्यवसाय या कृषि कार्य हेतु कम ब्याज पर लोन।
- जमीनी विवादों का खात्मा: 3D ड्रोन मैपिंग से सटीक सीमाओं का निर्धारण होने से पड़ोसियों के बीच जमीन विवाद समाप्त।
- ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP): गांव के बुनियादी ढांचे (सड़क, नाली, स्कूल) के निर्माण के लिए सटीक डिजिटल नक्शा।
2. ड्रोन सर्वे से संपत्ति कार्ड वितरण की 4-चरणीय प्रक्रिया
गांव में स्वामित्व कार्ड बनने का क्रम:
- चूना मार्किंग (Chuna Marking): राजस्व और पंचायत टीम द्वारा ग्रामीणों की उपस्थिति में मकानों और भूखंडों की सीमाओं पर चूना डाला जाता है।
- ड्रोन फ्लाइंग (Drone Flying): भारतीय सर्वेक्षण विभाग के अत्याधुनिक ड्रोन द्वारा गांव के आबादी क्षेत्र की हाई-रिज़ॉल्यूशन फोटोग्राफी।
- आपत्ति निस्तारण एवं सत्यापन: तैयार नक्शे को ग्राम सभा में प्रदर्शित कर ग्रामीणों से दावे एवं आपत्तियां लेकर संशोधन किया जाता है।
- डिजिटल कार्ड डाउनलोड: अंतिम सत्यापन के बाद मोबाइल पर एसएमएस लिंक आता है, जहां से
svamitva.nic.inया राज्य ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से संपत्ति कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।
3. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या स्वामित्व योजना में कृषि भूमि का भी सर्वे होता है?
उत्तर: नहीं, यह योजना केवल ग्रामीण आबादी (गांव के भीतर बने रिहायशी मकानों) के लिए है, कृषि भूमि का रिकॉर्ड पहले से खसरा-खतौनी में दर्ज होता है।
Q2. क्या संपत्ति कार्ड प्राप्त करने के लिए कोई सरकारी शुल्क देना होता है?
उत्तर: नहीं, केंद्र सरकार द्वारा सर्वे और प्रॉपर्टी कार्ड निर्माण की पूरी प्रक्रिया शत-प्रतिशत निःशुल्क की जाती है।



