- योजना श्रेणी / विभाग: SOLAR PUMP SUBSIDY
- मुख्य लाभ व उद्देश्य: 60% सब्सिडी पर सोलर पंप पाएं, किसान केवल 10% लागत दें
- ध्यान दें: राशि, तारीख और पात्रता बदल सकती है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।
नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) 2026 में भारतीय किसानों को सिंचाई डीजल लागत से मुक्ति और सौर ऊर्जा से अतिरिक्त आय प्रदान करने का प्रमुख जरिया बनी है। इस योजना के तहत ऑफ-ग्रिड और ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पंप पर 60% तक सीधी सब्सिडी दी जा रही है।
1. पीएम कुसुम योजना 2026: मुख्य वित्तीय लाभ व कंपोनेंट
कुसुम योजना को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
- कंपोनेंट A: बंजर भूमि पर 500kW से 2MW क्षमता का ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट स्थापित कर डिस्कॉम को बिजली बेचना।
- कंपोनेंट B: 7.5 HP क्षमता तक के स्टैंडअलोन ऑफ-ग्रिड सोलर वॉटर पंप पर सब्सिडी (30% केंद्र + 30% राज्य = 60% सब्सिडी, 30% बैंक ऋण और केवल 10% किसान अंशदान)।
- कंपोनेंट C: व्यक्तिगत ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों का सौरकरण ताकि सिंचाई के बाद अधिशेष ऊर्जा बेची जा सके।
2. पात्रता नियम एवं आवश्यक दस्तावेज़
आवेदन करने के लिए किसान निम्नलिखित शर्तों को पूरा करें:
- आवेदक भारत का स्थायी निवासी किसान, किसान समूह (FPO), या पंचायत होना चाहिए।
- कृषि भूमि के मालिकाना हक के दस्तावेज़ (खसरा-खतौनी / 7/12 उतारा)।
- आवेदक का आधार कार्ड, बैंक पासबुक (DBT सक्रिय) और मोबाइल नंबर।
- आधिकारिक पोर्टल
pmkusum.mnre.gov.inया संबंधित राज्य के नोडल पोर्टल (जैसे महाऊर्जा, UPNEDA) से ऑनलाइन आवेदन करें।
3. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या पीएम कुसुम योजना में आवेदन के लिए शुल्क लगता है?
उत्तर: नहीं, MNRE केवल आधिकारिक राज्य पोर्टलों के माध्यम से निःशुल्क या निर्धारित न्यूनतम प्रोसेसिंग शुल्क पर आवेदन स्वीकार करता है। फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहें।
Q2. क्या 7.5 HP से बड़े पंप पर सब्सिडी मिलेगी?
उत्तर: सब्सिडी केवल 7.5 HP तक के पंप पर ही मिलती है, उससे बड़े पंप की स्थापना पर सब्सिडी 7.5 HP तक ही सीमित रहेगी।



