- योजना श्रेणी / विभाग: GOVT STIPEND DBT
- मुख्य लाभ व उद्देश्य: NAPS-2: उद्योगों में ऑन-जॉब प्रैक्टिकल ट्रेनिंग एवं सीधे बैंक खाते में मासिक स्टाइपेंड DBT
- ध्यान दें: राशि, तारीख और पात्रता बदल सकती है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।
National Apprenticeship Promotion Scheme (NAPS-2) 2026: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (Ministry of Skill Development and Entrepreneurship - MSDE), भारत सरकार द्वारा देश के युवाओं को व्यावहारिक औद्योगिक कौशल से जोड़ने हेतु राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना 2.0 (NAPS-2) संचालित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य उद्योग और शिक्षा के बीच की दूरी को पाटना है। इसके अंतर्गत 5वीं पास, 10वीं/12वीं पास, आईटीआई (ITI) धारक, डिप्लोमा इंजीनियर्स और डिग्री ग्रेजुएट्स को देश की शीर्ष निजी व सार्वजनिक कंपनियों में ऑन-जॉब प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है। साथ ही, निर्धारित मासिक स्टाइपेंड का एक हिस्सा सरकार द्वारा सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए छात्र के बैंक खाते में भेजा जाता है।
1. योग्यतानुसार मासिक न्यूनतम स्टाइपेंड दरें (2026)
| शैक्षणिक योग्यता | न्यूनतम मासिक स्टाइपेंड दर | सरकारी DBT अंशदान | नियोक्ता (Company) अंशदान |
|---|---|---|---|
| 5वीं से 9वीं पास (School Dropout) | ₹5,000 प्रति माह | ₹1,250 (25% DBT) | ₹3,750 |
| 10वीं पास / 1-वर्षीय ITI ट्रेड | ₹6,000 - ₹7,000 प्रति माह | ₹1,500 (अधिकतम DBT) | ₹4,500 - ₹5,500 |
| 12वीं पास / 2-वर्षीय ITI डिप्लोमा | ₹7,000 - ₹8,050 प्रति माह | ₹1,500 (अधिकतम DBT) | ₹5,500 - ₹6,550 |
| पॉलिटेक्निक तकनीकी डिप्लोमा (Diploma) | ₹8,000 - ₹10,900 प्रति माह | ₹1,500 (NAPS) / 50% (NATS) | कंपनी द्वारा शेष राशि |
| ग्रेजुएट / बी.टेक इंजीनियर्स (Degree) | ₹9,000 - ₹12,300+ प्रति माह | NATS 2.0 फ्रेमवर्क अनुसार | कंपनी द्वारा शेष राशि |
2. अप्रेंटिसशिप योजना की मुख्य विशेषताएं
- वास्तविक कार्य अनुभव: शिक्षु वास्तविक औद्योगिक संयंत्रों, ऑटोमोबाइल विनिर्माण, आईटी कंपनियों और सर्विस सेक्टर में काम सीखते हैं।
- अखिल भारतीय मान्यता: NCVT द्वारा जारी राष्ट्रीय शिक्षुता प्रमाण पत्र (NAC) रेलवे, रक्षा, सेल (SAIL), भेल (BHEL) जैसी सार्वजनिक उपक्रमों में भर्ती में विशेष वरीयता दिलाता है।
- आयु सीमा: न्यूनतम आयु 14 वर्ष (जोखिम भरे व्यवसायों हेतु 18 वर्ष), कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है।
3. पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण और अवसर खोजने के चरण
- आधिकारिक पोर्टल: राष्ट्रीय शिक्षुता पोर्टल
apprenticeshipindia.gov.inपर जाएं (तकनीकी ग्रेजुएट्स के लिएnats.education.gov.in)। - Candidate Registration: 'Register' बटन पर क्लिक करके 'Candidate' का चयन करें और अपना नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि और आधार नंबर भरें।
- ई-केवाईसी व प्रोफाइल पूर्णता: आधार e-KYC पूरा करें और अपनी योग्यता, बैंक खाता (NPCI एक्टिव) और रिज्यूमे अपलोड कर प्रोफाइल को 100% पूरा करें।
- Apprenticeship Opportunities: 'Apprenticeship Opportunities' टैब पर जाएं, अपने राज्य, जिले और ट्रेड (जैसे Electrician, Fitter, Welder, Retail, Data Entry) के अनुसार फिल्टर लगाकर कंपनियों के रिक्त पदों पर 'Apply' करें।
- कॉन्ट्रैक्ट स्वीकृति: कंपनी द्वारा चयन होने पर पोर्टल पर डिजिटल अनुबंध (Contract) जारी होगा, जिसे स्वीकार करते ही ट्रेनिंग प्रारंभ हो जाएगी।
4. आवश्यक दस्तावेज
- उम्मीदवार का आधार कार्ड (Aadhaar Card)।
- शैक्षणिक अंकतालिका (10th/12th/ITI/Diploma/Degree Marksheets)।
- आधार-सीडेड बैंक खाता पासबुक (NPCI DBT Active)।
- पासपोर्ट साइज फोटो एवं डिजिटल हस्ताक्षर।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या अप्रेंटिसशिप पूरी होने के बाद कंपनी में पक्की नौकरी मिलती है?
उत्तर: शिक्षुता कानून (Apprentices Act, 1961) के तहत नियोक्ता कंपनी पर पक्की नौकरी देना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है, लेकिन 80% से अधिक कंपनियां अपने यहां प्रशिक्षित कुशल शिक्षुओं को ही स्थायी नौकरियों (Permanent Hiring) में प्राथमिकता देती हैं।
Q2. क्या सरकारी स्टाइपेंड DBT के लिए अलग से फॉर्म भरना होता है?
उत्तर: नहीं। जब आपका डिजिटल अप्रेंटिसशिप कॉन्ट्रैक्ट पोर्टल पर जेनरेट होता है, तो आधार-सीडेड बैंक खाते में ₹1,500 का सरकारी DBT हिस्सा स्वतः हर महीने सीधे जमा हो जाता है।
Q3. क्या कॉलेज की पढ़ाई के दौरान अप्रेंटिसशिप की जा सकती है?
उत्तर: नियमित पूर्णकालिक कॉलेज छात्र NAPS ट्रेनिंग नहीं कर सकते क्योंकि यह फुल-टाइम ऑन-जॉब ट्रेनिंग होती है। हालांकि, डिस्टेंस/ओपन यूनिवर्सिटी के छात्र या पढ़ाई पूरी कर चुके युवा तुरंत आवेदन कर सकते हैं।



